
पांढुर्णा में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: अवैध शराब के अड्डों पर छापा, 4000 किलो लाहन नष्ट
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
पांढुर्णा। जिले में अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित कच्ची शराब के ठिकानों पर दबिश दी। सहायक आबकारी आयुक्त श्री भीम राव वैध के निर्देशों के बाद पांढुर्णा वृत्त की टीम ने सुनियोजित तरीके से अभियान चलाकर शराब माफियाओं के नेटवर्क को नुकसान पहुंचाया। इस कार्रवाई के बाद अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

नदी-नालों के किनारे चल रही थी शराब निर्माण गतिविधि
आबकारी विभाग को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम गोरलीखापा, बिछुआ सानी और चाटवा के आसपास नदी-नालों के किनारे सुनसान और दुर्गम स्थानों पर बड़ी मात्रा में कच्ची शराब तैयार की जा रही है। सूचना की पुष्टि होने पर वृत्त प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक नरेंद्र कुमार नागेश के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और छापा मारा। जांच के दौरान टीम को वहां जलती भट्टियां और शराब निर्माण की गतिविधियां मिलीं।

4000 किलो महुआ लाहन नष्ट, 45 लीटर कच्ची शराब जब्त
दबिश के दौरान टीम को ड्रमों और गड्डों में भरा हुआ लगभग 4000 किलोग्राम महुआ लाहन मिला। अधिकारियों ने साक्ष्य के लिए नमूने सुरक्षित रखे और बाकी लाहन को मौके पर ही नष्ट कर दिया। साथ ही 45 लीटर हाथ भट्ठी से बनी कच्ची महुआ शराब बरामद कर जब्त की गई। शराब निर्माण में उपयोग होने वाले उपकरण और भट्टियों को भी तोड़कर नष्ट किया गया।
आबकारी अधिनियम के तहत दर्ज हुआ प्रकरण
विभाग द्वारा इस मामले में अज्ञात एवं चिन्हित आरोपियों के खिलाफ मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) क एवं च के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। विभाग ने बताया कि जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

टीम की अहम भूमिका
इस अभियान को सफल बनाने में वृत्त प्रभारी नरेंद्र कुमार नागेश के साथ आबकारी आरक्षक मुकेश राहंगडाले एवं महिला आरक्षक श्रद्धा राहंगडाले की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विभाग ने स्पष्ट किया कि अवैध शराब निर्माण, परिवहन और संग्रहण पर लगातार अभियान चलाया जाएगा और आगे भी कार्रवाई तेज की जाएगी।
